काउंसिल ब्लफ्स। भारत के बैडमिंटन प्रेमियों के लिए रविवार की शाम जश्न से भर गई, जब युवा शटलर आयुष शेट्टी ने यूएस ओपन 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने करियर का पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब जीत लिया। वहीं, महज 16 साल की तन्वी शर्मा ने भी महिला एकल फाइनल में पहुंचकर नया इतिहास रच दिया।
आयुष का विजयी तूफान, दो साल बाद भारत को पुरुष एकल में खिताब
20 वर्षीय आयुष शेट्टी, जो मौजूदा वर्ल्ड रैंकिंग में 34वें पायदान पर हैं, ने फाइनल में कनाडा के ब्रायन यांग को सीधे गेमों में 21-18, 21-13 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस सीजन में वर्ल्ड टूर खिताब जीतने वाले वह पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
इस खिताब के साथ ही आयुष ने भारत को विदेश में पुरुष एकल खिताब का दो साल पुराना इंतजार भी खत्म कर दिया। इससे पहले 2023 में लक्ष्य सेन ने कनाडा ओपन जीता था।
टॉप सीड को हराकर किया चमत्कार
आयुष का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। पहले राउंड में उन्होंने डेनमार्क के मैग्नस योहानसेन को हराया, फिर हमवतन थरुण मन्नेपल्ली को तीन गेमों के संघर्ष में मात दी। क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर 70 कुओ कुआन लिन को आसानी से हराया।
सेमीफाइनल में उनके सामने थे टॉप सीड और वर्ल्ड नंबर 6 चोउ तिएन चेन। पिछली हार का बदला लेते हुए आयुष ने दमदार वापसी की और 21-23, 21-15, 21-14 से मुकाबला जीतकर फाइनल में जगह बनाई।
तन्वी शर्मा का जलवा, सबसे युवा भारतीय बनीं फाइनलिस्ट
महिला एकल में भारत की नई उभरती स्टार तन्वी शर्मा ने भी सबको चौंकाते हुए यूएस ओपन के फाइनल में एंट्री की। हालांकि खिताबी मुकाबले में उन्हें अमेरिका की टॉप सीड बेइवेन झांग से कड़ी टक्कर मिली और तन्वी को 21-11, 16-21, 21-10 से हार का सामना करना पड़ा।
पर यह हार भी तन्वी के लिए एक बड़ी जीत बन गई, क्योंकि वह BWF वर्ल्ड टूर फाइनल में पहुंचने वाली सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
हर मैच में रही अडिग
66वीं रैंकिंग वाली तन्वी ने टूर्नामेंट की शुरुआत में ही तहलका मचा दिया था। पहले ही दौर में उन्होंने दूसरी वरीय वियतनामी खिलाड़ी गुयेन थुई लिन्ह को हराया। फिर थाईलैंड की पूर्व जूनियर वर्ल्ड चैंपियन को मात दी।
क्वार्टर फाइनल में मलेशिया की करुपथेवन लेटशाना और सेमीफाइनल में यूक्रेन की पोलीना बुह्रोवा को हराकर उन्होंने दिखा दिया कि उम्र भले कम हो, लेकिन हुनर में कोई कमी नहीं।
निष्कर्ष:
US ओपन 2025 भारत के लिए खास बन गया—आयुष शेट्टी ने पहला खिताब जीतकर नई उम्मीदें जगाईं, और तन्वी शर्मा ने कम उम्र में वो मुकाम छू लिया जो आज तक कोई भारतीय नहीं कर पाया था। यह भारत के बैडमिंटन भविष्य की सबसे उजली झलक है!



