जम्मू। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों का बड़ा अभियान लगातार दूसरे दिन भी जारी है। चटरू इलाके के कंजल मांडू जंगलों में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेर रखा है और गुरुवार सुबह एक बार फिर मुठभेड़ शुरू हुई। दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग हो रही है, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल है।
बुधवार शाम को खुफिया जानकारी के आधार पर सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त तलाशी अभियान छेड़ा था। इसी दौरान छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ तेज हो गई।
भारतीय सेना की नगरोटा स्थित व्हाइटनाइट कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी दी कि “विशिष्ट खुफिया इनपुट के बाद कंजल मांडू क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई और फिर मुठभेड़ शुरू हो गई।”
यह मुठभेड़ ऐसे समय हो रही है जब अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे ने बालटाल और पहलगाम के बेस कैंप में डेरा डाला है। वहीं गुरुवार को दूसरा जत्था जम्मू के भगवती नगर से रवाना हुआ है। सुरक्षा एजेंसियां इस यात्रा के दौरान किसी भी संभावित आतंकी साजिश को नाकाम करने के लिए सतर्क हैं।
गौरतलब है कि 26 जून को उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में भी एक मुठभेड़ हुई थी, जिसमें एक आतंकी ढेर हुआ था। वहीं इससे पहले 22 अप्रैल को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने पहलगाम में 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी। बताया गया कि आतंकियों ने धर्म पूछकर गोली मारी थी, जिससे देशभर में गुस्सा भड़क उठा।
भारत ने इस हमले का करारा जवाब देते हुए पाकिस्तान और पीओके के आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की। लाहौर के पास मुरिदके, बहावलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद जैसे इलाकों में की गई कार्रवाई से पाकिस्तान की हालत पतली हो गई और उसे अंततः सीजफायर पर सहमत होना पड़ा।
फिलहाल किश्तवाड़ में मुठभेड़ जारी है और सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर रखा है। आशंका जताई जा रही है कि जंगल में अभी भी कई आतंकी छिपे हो सकते हैं। सेना की कोशिश है कि ऑपरेशन को जल्द से जल्द खत्म कर अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।



