बर्लिन। भारतीय महिला हॉकी टीम का एफआईएच प्रो लीग 2024-25 का अभियान निराशाजनक अंदाज़ में समाप्त हुआ। रविवार को बर्लिन में खेले गए आखिरी मुकाबले में टीम को चीन के हाथों 2-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर रहा और अब उसे अगले सीज़न के लिए एफआईएच नेशंस कप के जरिए वापसी की कोशिश करनी होगी।
मैच की शुरुआत भारत के लिए उम्मीदों से भरी रही। 9वें मिनट में नेहा गोयल के पास पर सुनलिता टोप्पो ने शानदार गोल कर भारत को शुरुआती बढ़त दिला दी। ओडिशा की युवा खिलाड़ी टोप्पो ने बेहतरीन नियंत्रण दिखाते हुए गेंद को नेट में पहुंचाया। हालांकि, इसके बाद भारत की रफ्तार धीमी पड़ गई और चीन ने वापसी करना शुरू कर दिया।
18वें मिनट में एक विवादास्पद क्षण देखने को मिला, जब भारतीय डिफेंडर मनीषा चौहान की स्टिक डेंग किउचन के चेहरे पर लगी। पहले चीन को पेनल्टी स्ट्रोक दिया गया, लेकिन वीडियो रेफरल के बाद उसे पेनल्टी कॉर्नर में बदला गया। यिंग झांग ने इस मौके को भुनाते हुए मैच को बराबरी पर ला दिया। इसके बाद पहले हाफ के अंत में झांग ने एक और पीसी को गोल में बदलकर चीन को 2-1 की बढ़त दिला दी।
तीसरे क्वार्टर में भारत को बराबरी का मौका मिला। 37वें मिनट में भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे चीनी डिफेंडर ने रोका, लेकिन बैक स्टिक का फाउल हो गया। भारत ने सफलतापूर्वक रेफरल लेकर एक और पीसी हासिल किया। इस बार नवनीत कौर ने रुजुता दादासो पिसल को पास दिया, जिन्होंने शानदार तरीके से गोल दागा और स्कोर 2-2 कर दिया।
लेकिन चीन ने आखिरी क्वार्टर में अपना दबदबा कायम रखते हुए 53वें मिनट में निर्णायक गोल कर दिया। जू वेन्यू ने पेनल्टी कॉर्नर पर सटीक शॉट लगाते हुए स्कोर 3-2 किया और भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
इस सीज़न के अंत में नीदरलैंड ने शीर्ष स्थान हासिल किया, अर्जेंटीना दूसरे और बेल्जियम तीसरे स्थान पर रहा। चीन चौथे स्थान पर रहा, जबकि भारत को आखिरी स्थान से संतोष करना पड़ा।
अब भारतीय टीम की नजरें एफआईएच नेशंस कप पर होंगी, जहां बेहतर प्रदर्शन कर वह प्रो लीग में वापसी की राह तलाशेगी।



