कोलकाता। अहमदाबाद में गुरुवार को हुए दिल दहला देने वाले एयर इंडिया विमान हादसे ने पूरे देश को शोक और स्तब्धता में डुबो दिया। हादसे में दर्जनों यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित कई लोगों की जान चली गई, जिससे हर तरफ मातम पसरा है। इस विकट परिस्थिति में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने एक सराहनीय और मानवीय कदम उठाया है, जो पीड़ित परिवारों के लिए राहत की किरण बन सकता है।
एलआईसी ने हादसे में जान गंवाने वाले अपने पॉलिसीधारकों के परिजनों के लिए बीमा दावा प्रक्रिया को बेहद सरल और सहानुभूतिपूर्ण बना दिया है। अब परिजनों को दावा करने के लिए मृत्यु प्रमाणपत्र की अनिवार्यता नहीं रहेगी। निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी सरकारी रिकॉर्ड, केंद्र/राज्य सरकार या एयरलाइन प्राधिकरण की ओर से मुआवजा जारी किया गया है, तो उसे मृत्यु प्रमाण के रूप में मान्य माना जाएगा।
एलआईसी ने हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा है कि वह इस कठिन समय में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। दावा प्रक्रिया को तेज गति से पूरा करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि पीड़ित परिवारों को समय रहते आर्थिक मदद मिल सके।
एलआईसी ने बताया कि संस्था खुद प्रभावित परिवारों से संपर्क स्थापित कर रही है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की औपचारिकता या परेशानियों से न गुजरना पड़े। इसके साथ ही एलआईसी ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 022-68276827 भी जारी किया है, जिस पर परिजन या दावेदार किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं।
इस तरह एलआईसी का यह कदम न केवल संवेदनशीलता दर्शाता है, बल्कि संकट की घड़ी में एक भरोसेमंद साथी के रूप में खड़ा होने की मिसाल भी पेश करता है।



