वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि इजराइल गाजा में दो महीने के युद्धविराम के प्रस्ताव पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा की। उन्होंने लिखा, “इजराइल ने 60 दिन के युद्धविराम को अंतिम रूप देने वाली शर्तों को स्वीकार कर लिया है। अब हम सभी पक्षों के साथ मिलकर इस संघर्ष को खत्म करने की दिशा में काम करेंगे।”
हालांकि, इस घोषणा के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू या हमास की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ट्रंप ने इस संभावित युद्धविराम के ब्योरे नहीं दिए, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि हमास भी इस प्रस्ताव को मंजूरी देगा, जिससे मध्य पूर्व में शांति की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा सकेगा।
कतर और मिस्र निभाएंगे मध्यस्थ की भूमिका
ट्रंप ने कहा कि युद्धविराम के इस अंतिम प्रस्ताव को कतर और मिस्र जैसे मध्यस्थ राष्ट्र हमास के समक्ष रखेंगे। इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी बताया कि वह अगले सोमवार को वाशिंगटन में प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे, जिसमें गाजा और ईरान को लेकर अहम चर्चा हो सकती है। उन्होंने इशारा दिया कि यदि सब कुछ सही रहा तो गाजा में युद्धविराम अगले सप्ताह से लागू हो सकता है।
पहले भी हो चुकी है शांति की कोशिश
यह पहली बार नहीं है जब युद्धविराम की बात हुई हो। मई के अंत में ट्रंप के मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ ने भी 60 दिवसीय युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था। उस समय इजराइल ने इसका समर्थन किया था, लेकिन हमास ने कुछ शर्तें रख दीं, जिससे यह पहल असफल हो गई थी।
कैसे शुरू हुआ यह संघर्ष?
इस जटिल संघर्ष की शुरुआत अक्टूबर 2023 में हुई, जब हमास ने दक्षिणी इजराइल पर आतंकी हमला कर करीब 1,200 लोगों की जान ली और 250 बंधकों को गाजा ले जाया गया। इसके जवाब में इजराइल ने गाजा पर भीषण हवाई और जमीनी हमले शुरू किए। अब तक इस युद्ध में करीब 56,000 लोगों की जान जा चुकी है।
पिछले 21 महीनों के इस संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों के बीच दो बार युद्धविराम और बंधकों की रिहाई को लेकर समझौते हो चुके हैं। लेकिन अब ट्रंप के इस नए दावे ने एक बार फिर उम्मीद की किरण जगा दी है कि शायद गाजा की जमीं पर एक बार फिर शांति लौट सके।



