वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर एक बार फिर से विवाद को हवा दे दी है। व्हाइट हाउस में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा, “शायद यह बेहतर हो कि उन्हें कुछ समय तक लड़ने दिया जाए।” इस बयान ने न केवल अमेरिका बल्कि यूरोपीय राजनीति में भी हलचल मचा दी है।
ट्रंप ने युद्धविराम की संभावनाओं को नकारते हुए कहा, “उनके बीच गहरी नफरत और बदले की भावना है। जैसे खेलों में रेफरी कभी-कभी खिलाड़ियों को भिड़ने देते हैं, वैसे ही यहां भी थोड़ी देर लड़ने देना सही हो सकता है।”
यह बयान खास इसलिए है क्योंकि ट्रंप इससे पहले यह दावा कर चुके हैं कि यदि वह सत्ता में आते हैं तो 24 घंटे में युद्ध खत्म कर देंगे। लेकिन इस ताजा टिप्पणी से उनकी नीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
इस पर जर्मन चांसलर मर्ज ने ट्रंप को सीधे तौर पर टोकते हुए कहा, “अमेरिका को अब निर्णायक भूमिका निभानी चाहिए। रूस पर दबाव बढ़ाना होगा ताकि युद्ध को रोका जा सके। दुनिया की निगाहें अमेरिका पर हैं।”
जब ट्रंप से रूस पर नए प्रतिबंधों को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए कहा, “फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन अगर हालात नहीं सुधरे तो दोनों पक्षों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। क्योंकि ताली दो हाथ से बजती है।”
इसके साथ ही ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट ‘ट्रुथ सोशल’ पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को आड़े हाथों लिया और चेतावनी दी, “अगर मैं नहीं होता, तो रूस अब तक बहुत गहरे संकट में जा चुका होता। पुतिन आग से खेल रहे हैं।”
ट्रंप ने न केवल पुतिन बल्कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की को भी निशाने पर लिया और कहा, “मैं पुतिन की हरकतों से खुश नहीं हूं, लेकिन ज़ेलेंस्की भी कोई संत नहीं हैं।”
ट्रंप के इस बयान ने कूटनीतिक गलियारों में चर्चा को और तेज कर दिया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका की विदेश नीति में इसका क्या असर पड़ता है।



