चंडीगढ़। भारत-पाक तनाव के बीच हरिमंदिर साहिब (दरबार साहिब) में एयर डिफेंस गन लगाए जाने के सेना के दावे को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने सिरे से खारिज कर दिया है। SGPC के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी अमरजीत सिंह ने इसे चौंकाने वाला और भ्रामक करार देते हुए कहा कि दरबार साहिब की मर्यादा से कोई समझौता नहीं हुआ है।
ज्ञानी अमरजीत सिंह ने साफ किया कि अमृतसर जिला प्रशासन की ब्लैकआउट हिदायतों का दरबार साहिब प्रबंधन ने पूरी तरह पालन किया, लेकिन कभी भी सेना को परिसर में एयर गन लगाने की अनुमति नहीं दी गई। SGPC का कहना है कि सेना के लेफ्टिनेंट जनरल का दावा पूरी तरह तथ्यहीन है और “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत ऐसी कोई स्वीकृति न दी गई और न ही ऐसा कोई घटनाक्रम घटा।
SGPC के ताजा बयान में कहा गया है कि हरिमंदिर साहिब की बाहरी और ऊपरी लाइटें तय समय पर बंद की गईं, लेकिन पवित्र स्थानों की नियमित मर्यादा में कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ। लंगर हाल, अखंड पाठ, और अन्य गुरू स्थानों पर रीतिनुसार सेवा और आराधना यथावत जारी रही।
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने भी सेना के दावे को खारिज करते हुए कहा कि “ब्लैकआउट के दौरान जिला प्रशासन के सभी निर्देशों का पूरा सम्मान किया गया, लेकिन न तो सेना की ओर से संपर्क किया गया और न ही किसी प्रकार की हवाई गन दरबार साहिब में लगाई गई।”



