कोलकाता। स्वामी विवेकानंद द्वारा स्थापित रामकृष्ण मिशन और रामकृष्ण मठ (आरकेएम) ने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 25 पर्यटकों की पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा की गई निर्मम हत्या के बाद शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का दृढ़ समर्थन किया है। मिशन ने इसे सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश का संघर्ष करार दिया है। आरकेएम के महासचिव स्वामी सुबीरानंद महाराज ने लोगों से इस अभियान में सरकार के साथ खड़े होने की अपील की है।
स्वामी सुबीरानंद महाराज ने कहा, “यदि भारत ने इस स्थिति में प्रतिकार नहीं किया होता, तो यह एक अपराध होता। यह केवल सरकार का युद्ध नहीं है, बल्कि यह हमारे देशवासियों का युद्ध है। जब कोई बाहरी ताकत हमारी मातृभूमि पर हमला करती है, तो भारत के लोग उसका जवाब देने के लिए तैयार रहते हैं।” उन्होंने स्वामी विवेकानंद के उद्धरण का उल्लेख करते हुए कहा, “स्वामीजी ने कहा था कि भारत की मिट्टी तक पवित्र है। अगर हमारी मातृभूमि पर हमला होता है, तो हम चुप नहीं रह सकते। हमें प्रतिकार करना होगा, और यह प्रतिकार आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी उचित है।”
आरकेएम महासचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि मिशन केवल इस अभियान का समर्थन नहीं करता, बल्कि ईश्वर से प्रार्थना भी करता है कि भारत का हर प्रयास सफल हो। उन्होंने कहा, “यह पाप के खिलाफ युद्ध है, यह अमंगल शक्तियों के खिलाफ युद्ध है। यह सभ्यता और बर्बरता के बीच संघर्ष है।”
रामकृष्ण मिशन की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब देश पूरी तरह से पहलगाम हमले से स्तब्ध है और केंद्र सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है।



