कोलकाता। कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पश्चिम बंगाल के तीन पर्यटकों की जान जाने के मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार को मारे गए बितन अधिकारी की पत्नी, सोहिनी अधिकारी से पूछताछ की। देर शाम तक चली पूछताछ में एजेंसी के अधिकारियों ने सोहिनी से कई महत्वपूर्ण सवाल किए और उनके बयान दर्ज किए।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, एनआईए की तीन सदस्यीय टीम ने रविवार को कोलकाता के पाटुली स्थित सोहिनी के पैतृक घर पर जाकर करीब तीन घंटे तक उनसे बातचीत की। पूछताछ के दौरान सोहिनी से कश्मीर यात्रा के दौरान पहलगाम पहुंचने से पहले उनकी यात्रा के अन्य स्थानों की जानकारी ली गई। इसके साथ ही, हमले के वक्त हुए घटनाक्रम और संदिग्ध आतंकवादियों की गतिविधियों पर भी सवाल पूछे गए।
गौरतलब है कि 10 अप्रैल को हुए इस हमले में बितन अधिकारी के साथ उनकी पत्नी सोहिनी और तीन वर्षीय बेटा हृदान भी मौजूद थे। हमले में आतंकवादियों ने हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया। अधिकारी परिवार अमेरिका के फ्लोरिडा में रहकर काम कर रहे थे। आठ अप्रैल को वे कोलकाता लौटे थे और 16 अप्रैल को कश्मीर घूमने निकले थे। हमले में बितन अधिकारी की मौत हो गई, जिसके बाद सोहिनी और उनका बेटा वापस कोलकाता लौट आए।
इससे पहले, शनिवार को एनआईए ने मारे गए पश्चिम बंगाल के एक अन्य पर्यटक समीर गुहा की पत्नी और बेटी से भी पूछताछ की थी। सोमवार को एनआईए टीम अब पुरुलिया जिले के झालदा पहुंचकर तीसरे मृतक मनीष रंजन मिश्रा की पत्नी से पूछताछ करेगी। मनीष रंजन मिश्रा केंद्रीय खुफिया ब्यूरो (सीआईबी) के अधिकारी थे।
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य सरकार हर मृतक के परिवार को दस लाख रुपये का मुआवजा देगी। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर के उदमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए पैराट्रूपर हवलदार झंटू अली शेख के परिवार को भी मुआवजा देने की घोषणा की गई है। झंटू अली शेख नदिया जिले के तेहट्टा के निवासी थे।



