नई दिल्ली। भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस सुनयना तंजानिया के दार-एस-सलाम बंदरगाह पर पहुंच गया है। यह जहाज 5 अप्रैल को गोवा के कारवार से रवाना हुआ था और अब यह ‘आईओएस सागर’ मिशन के तहत विभिन्न अफ्रीकी देशों के साथ नौसैनिक सहयोग बढ़ाने के लिए कार्यरत है। इसमें भारत समेत 10 देशों के कुल 44 नौसैनिक भाग ले रहे हैं।
आईएनएस सुनयना तंजानिया में आयोजित ‘एआईकेईवाईएमई’ नामक नौसैनिक अभ्यास के बंदरगाह चरण में भाग लेगा। यह अभ्यास समुद्री सुरक्षा, संयुक्त रणनीति और परिचालन समन्वय को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। अभ्यास का उद्घाटन भारत के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने किया।
तंजानिया नौसेना प्रमुख रियर एडमिरल ए.आर. हसन और भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने आईएनएस सुनयना का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अभ्यास में भारत के दो अन्य युद्धपोत – आईएनएस चेन्नई (विध्वंसक) और आईएनएस केसरी भी हिस्सा लेंगे।
यह पहली बार है जब भारत 10 अफ्रीकी देशों के साथ एक बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास का आयोजन कर रहा है, जिसमें कोमोरोस, केन्या, मेडागास्कर, मालदीव, मॉरीशस, मोजाम्बिक, सेशेल्स, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। यह कदम हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री रणनीति को मजबूत करने और चीन के प्रभाव को संतुलित करने की दिशा में उठाया गया है।
आईएनएस सुनयना 15 अप्रैल को तंजानिया से अगला पड़ाव नकाला (मोजाम्बिक) के लिए रवाना होगा, जहां ‘आईओएस सागर’ मिशन की अगली कड़ी जारी रहेगी।



