गणेश चतुर्थी भारत का सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है, जो इस साल भी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी तक कुल 10 दिनों तक धूमधाम से मनाया जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को ही गणपति बप्पा का जन्म हुआ था। इस दिन घर-घर और पंडालों में स्थापना की जाती है और माना जाता है कि अगले 10 दिनों तक बप्पा भक्तों को सुख, समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद देते हैं।
इतिहास बताता है कि पेशवा काल से 10 दिनों तक गणेशोत्सव की परंपरा रही है, लेकिन स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने इसे सार्वजनिक उत्सव का रूप दिया। इसके बाद से यह त्योहार केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक रंगों का भी प्रतीक बन गया।
अनंत चतुर्दशी को बप्पा का विसर्जन किया जाता है। यह परंपरा इस विश्वास से जुड़ी है कि गणपति अतिथि रूप में आते हैं और उनका सम्मानपूर्वक विदाई करना जरूरी है। साथ ही मिट्टी से बनी प्रतिमा का जल में मिलना प्रकृति के जीवन-मरण चक्र का प्रतीक माना जाता है।
