19 साल बाद राजमहल लौटे पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह, परिवार संग की पूजा-अर्चना

काठमांडू। नेपाल में राजतंत्र के अंत के 19 साल बाद एक ऐतिहासिक दृश्य सामने आया, जब पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह शनिवार को अपने पूरे परिवार के साथ नारायणहिटी राजदरबार पहुंचे। यह वही राजमहल है जहां से उन्होंने वर्षों तक नेपाल पर शासन किया था।

पूर्व राजा अपनी पत्नी कोमल शाह, पोते हृदयेन्द्र शाह और अन्य परिजनों के साथ महल के भीतर स्थित चतुर्व्युह नारायण मंदिर पहुंचे और वैदिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। राजपुरोहित की अगुवाई में मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न हुई, जिसने इस यात्रा को आध्यात्मिक और भावनात्मक दोनों ही रूपों में विशेष बना दिया।

हालांकि, पूर्व राजपरिवार के सदस्य उस मुख्य भवन में नहीं गए, जहां कभी सिंहासन और सत्ता का केंद्र हुआ करता था। लेकिन इस दौरान ज्ञानेन्द्र शाह ने राजदरबार परिसर में रह रहीं अपनी माता रत्न राज्य लक्ष्मी देवी शाह से मुलाकात जरूर की।

इस पूरे घटनाक्रम को आगामी 29 मई से शुरू होने वाले राजसंस्था समर्थक आंदोलन के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। मौके पर मौजूद डॉ. जगमान गुरूंग ने इसे “राजा की घर वापसी का शुभ संकेत” बताया और कहा कि यह आंदोलन पूर्व राजा को फिर से राजदरबार में स्थापित करने की दिशा में एक प्रतीकात्मक शुरुआत है।

नेपाल की राजनीति में यह घटनाक्रम एक नई बहस को जन्म दे सकता है कि क्या जनता फिर से राजसंस्था की ओर झुक रही है या यह सिर्फ एक भावनात्मक वापसी थी।

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SHEHBAZ SHARIF, PAKISTAN, PM

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