सुपर-लक्जरी प्रॉपर्टी बाजार में तेजी: 2025 की पहली तिमाही में 6% की छलांग, दुबई टॉप पर

नई दिल्ली। दुनियाभर में करोड़ों डॉलर की लग्जरी प्रॉपर्टी खरीदने वाले अमीरों का रुझान एक बार फिर से तेजी पकड़ रहा है। 2025 की पहली तिमाही में ग्लोबल सुपर-प्राइम रियल एस्टेट मार्केट में 6% की मजबूती दर्ज की गई है। यह खुलासा नाइट फ्रैंक की ताजा रिपोर्ट में हुआ है, जिसमें दुनियाभर के 12 प्रमुख शहरों के आंकड़े शामिल किए गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से मार्च 2025 के बीच 10 मिलियन डॉलर (करीब 83 करोड़ रुपये) से अधिक मूल्य की कुल 527 डील्स हुईं, जिनकी कुल वैल्यू रही 9.43 बिलियन डॉलर। पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 498 सौदों पर था।

इन हाई-एंड प्रॉपर्टीज की औसत कीमत 17.9 मिलियन डॉलर रही। इस सेगमेंट में एक बार फिर दुबई ने बाज़ी मारी है, जहां सबसे ज़्यादा 111 डील्स हुईं।

पाम बीच और मियामी ने भी दिखाई ताकत
पाम बीच ने शानदार वापसी की है। पिछली तिमाही में जहां केवल 21 सौदे हुए थे, वहीं इस तिमाही में यह संख्या 74 तक पहुंच गई।
मियामी में भी सौदों की संख्या में साल-दर-साल 35% की वृद्धि हुई, और लेनदेन की कुल वैल्यू लगभग दोगुनी हो गई।

न्यूयॉर्क, लंदन और हांगकांग की रफ्तार धीमी
न्यूयॉर्क ने 75 डील्स के साथ स्थिर प्रदर्शन किया, लेकिन लंदन और हांगकांग की चमक थोड़ी फीकी पड़ी।
हांगकांग में डील्स घटकर 42 रह गईं — यह 16% की गिरावट है, जबकि कुल मूल्य 690 मिलियन डॉलर तक सिमट गया।
लंदन की स्थिति और भी सुस्त रही, जहां सिर्फ 34 डील्स हुईं, यानी 37% की गिरावट, और कुल लेनदेन घटकर 590 मिलियन डॉलर रह गया।

भविष्य को लेकर क्या कहती है रिपोर्ट?
नाइट फ्रैंक ने कहा कि भले ही वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन सुपर-प्राइम सेगमेंट में निवेशकों की दिलचस्पी बरकरार है। हालांकि, खरीदारों और डेवलपर्स को ब्याज दरों में बदलाव, विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव और नीतिगत बदलावों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

यह रिपोर्ट उन प्रॉपर्टी डील्स पर आधारित है, जिनकी कीमत 10 मिलियन डॉलर से अधिक है, और इसमें तिमाही व वार्षिक दोनों आधारों पर आंकड़ों का विश्लेषण शामिल है।

AIR INDIA

एयर इंडिया की 8 फ्लाइट्स कैंसिल, अमृतसर-लंदन समेत तीन रूट पर अस्थायी रोक, यात्रियों को झटका

INDIAN APPAREL INDUSTRY, CLOTHES

भारतीय परिधान उद्योग में जबरदस्त उछाल की उम्मीद, 2029 तक हर साल 11% की रफ्तार से बढ़ेगा बाजार: एचएसबीसी रिपोर्ट