सरकार का ग्रीनफील्ड औद्योगिक स्मार्ट शहरों के निर्माण को लेकर मजबूत संकल्प: राजू श्रीनिवास वर्मा

नई दिल्ली: केंद्रीय भारी उद्योग, सार्वजनिक उद्यम और इस्पात राज्यमंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा ने शनिवार को ऐलान किया कि केंद्र सरकार पूरे देश में अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड औद्योगिक स्मार्ट शहरों के निर्माण को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह महत्वपूर्ण बयान एक कार्यक्रम में दिया, जिसमें राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी) को उद्योग विकास पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में वर्मा ने कहा, “हमारा लक्ष्य भारत भर में नए और अत्याधुनिक औद्योगिक स्मार्ट शहरों का विकास करना है, जो न केवल देश के औद्योगिक परिदृश्य को बदलेंगे, बल्कि निवेश और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेंगे।”

वर्मा ने केरल के पलक्कड़ में विकसित होने वाले एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर (आईएमसी) की सराहना की और कहा कि यह परियोजना केरल और दक्षिण भारत के औद्योगिक ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इस परियोजना से भारत के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में भी नया आयाम जुड़ेगा, जैसा कि एनएलडीएसएल के योगदान से स्पष्ट हुआ है।

इस कार्यक्रम में एक तकनीकी सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें पलक्कड़ औद्योगिक स्मार्ट सिटी की रणनीतिक दृष्टि और योजनाओं पर गहरी जानकारी दी गई। इसके साथ ही, लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक और यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म के बारे में भी विस्तार से बताया गया, जो भारत के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को और अधिक कुशल और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से स्थापित किए जा रहे हैं।

पलक्कड़ औद्योगिक स्मार्ट सिटी का विस्तार 1,710 एकड़ में होगा, और यह परियोजना केरल के औद्योगिक विकास में एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है। यह परियोजना अंतरराज्यीय संपर्क और लॉजिस्टिक लाभों के कारण निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ क्षेत्रीय रोजगार और नवाचार को बढ़ावा देने में मदद करेगी।

प्रमुख उपलब्धियां:

  • 81% भूमि पहले ही कब्जे में ली जा चुकी है।
  • सभी भूमि खंडों के लिए पर्यावरणीय मंजूरी 01 जनवरी, 2025 तक प्रदान की जाएगी।
  • परियोजना प्रबंधन और निर्माण परामर्शदाता को कार्य-निष्पादन पत्र जारी किया गया है।
  • ईपीसी निविदा दस्तावेजों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में एनआईसीडीसी द्वारा भारतीय लॉजिस्टिक्स तंत्र के विकास में किए गए योगदान को भी उजागर किया गया। सितंबर 2022 में स्थापित यूलिप ने 11 मंत्रालयों की 43 प्रणालियों को एकीकृत किया है, जिससे 1,300 से अधिक कंपनियां सशक्त हुई हैं और 100 करोड़ से अधिक एपीआई लेनदेन सक्षम किए गए हैं। यह प्लेटफॉर्म प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एकीकृत और पारदर्शी लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के दृष्टिकोण को साकार करता है।

एनआईसीडीसी को मिले इस पुरस्कार ने भारत के औद्योगिक परिवर्तन को गति देने और वैश्विक विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में देश की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में इसके अहम योगदान को सिद्ध किया है।

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