शिमला में बारिश और ओलावृष्टि से ठंड की वापसी, 22 अप्रैल से होगा मौसम में सुधार

शिमला: हिमाचल प्रदेश में रविवार को मौसम ने अचानक करवट ली, और राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज बारिश और ओलावृष्टि के साथ ठंडी हवाओं ने गर्मी का असर कम कर दिया। शिमला शहर समेत कई स्थानों पर आसमान में बादल छाए रहे और दोपहर होते-होते तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जो कुछ इलाकों में ओलावृष्टि में तब्दील हो गई। इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन ने ठंड का एहसास दिलाया, जिससे न केवल स्थानीय लोग, बल्कि गर्मी से राहत की तलाश में आए पर्यटक भी ठिठुरते नजर आए।

राजधानी शिमला का तापमान रविवार को सामान्य से काफी नीचे गिर गया। बारिश के कारण शहर की सड़कों पर फिसलन बढ़ गई, और बाजारों में गर्म कपड़ों की मांग में अचानक वृद्धि हो गई। सैलानी फिर से स्वेटर और जैकेट खरीदते देखे गए। शिमला में ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं भी चलीं, जिससे सामान्य जीवन प्रभावित हुआ।

राज्य के ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर भी जारी रहा। लाहौल-स्पीति और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात हुआ, जहां लाहौल-स्पीति के हंसा क्षेत्र में 5 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। किन्नौर और कुल्लू के ऊपरी हिस्सों में भी बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। मौसम विभाग ने बताया कि किन्नौर के ताबो में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलीं, जबकि शिमला के कुफरी में यह रफ्तार 42 किलोमीटर प्रति घंटा रही। कुल्लू, केलंग, पूह, कुकुमसेरी, मनाली, सांगला, कांगड़ा, धर्मशाला और भरमौर में 3 से 30 मिलीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई।

इस अचानक मौसम परिवर्तन से किसानों और बागवानों को भारी नुकसान होने का खतरा है। मैदानी जिलों में गेहूं की फसल बारिश से बर्बाद हो सकती है, और गेहूं की कटाई में भी बाधाएं आ रही हैं। कई खेतों में कटाई के लिए तैयार फसलें बारिश में बर्बाद हो गईं। पर्वतीय जिलों में सेब के फूलों पर भी बुरा असर पड़ा है, जिससे आगामी सेब उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। बागवानों का कहना है कि यदि मौसम जल्द नहीं सुधरा, तो फल की गुणवत्ता और मात्रा पर असर पड़ेगा।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने इस खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग ने रविवार रात के लिए कुछ इलाकों में तेज ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट और बिजली गिरने के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान का येलो अलर्ट जारी किया है। वैज्ञानिक सन्दीप शर्मा ने बताया कि 21 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने लगेगा, और मौसम में धीरे-धीरे सुधार होगा। हालांकि, अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है, जबकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। 22 से 24 अप्रैल तक पूरे हिमाचल प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है।

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