इस्लामाबाद: भारत और पाकिस्तान के बीच घोषित युद्धविराम के बाद अब बयानों की जंग तेज हो गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि यह सीजफायर “सभी के हित में” है और इसे पाकिस्तान की “शांति-प्रिय सोच” का प्रतीक बताया।
शरीफ ने कहा, “हम एक ज़िम्मेदार देश हैं, हमने हमेशा शांति को प्राथमिकता दी है। यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक अहम कदम है और हमने इसे सकारात्मक सोच के साथ अपनाया है।” अपने संबोधन में शरीफ ने सऊदी अरब, चीन और अमेरिका का खासतौर पर शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में कूटनीतिक भूमिका निभाई।
भारत पर दोहरे रवैये का आरोप, फायरिंग और ड्रोन की घटनाएं फिर बढ़ीं
लेकिन शांति की बातों के बीच शरीफ ने भारत पर तीखे आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि भारत “झूठे प्रचार” से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह कर रहा है। उनके मुताबिक, भारत ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जवानों को मारा और धार्मिक स्थलों को भी नुकसान पहुंचाया।
“पाकिस्तान की गरिमा लौटाकर ही लेंगे चैन” — शरीफ का भावुक संदेश
देशवासियों को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा, “हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, जब तक पाकिस्तान को उसकी खोई हुई गरिमा वापस नहीं मिलती। खुदा के फज़ल से वह दिन दूर नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह युद्धविराम महज एक अस्थायी कदम नहीं, बल्कि एक स्थायी समाधान की ओर बढ़ने का मौका हो सकता है, बशर्ते सभी पक्ष अपनी जिम्मेदारी समझें।
बातचीत की उम्मीद, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और कहती है
पाक पीएम ने यह भी कहा कि उन्हें भारत के साथ पानी और कश्मीर जैसे अहम मुद्दों पर संवाद की उम्मीद है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी आभार जताया। लेकिन शनिवार शाम सीजफायर की घोषणा के चंद घंटों बाद ही पाकिस्तान की ओर से कश्मीर में फायरिंग और राजस्थान-गुजरात में ड्रोन की घुसपैठ की घटनाएं सामने आईं, जिससे समझौते की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।



