वॉशिंगटन। कभी अमेरिका की राजनीति और टेक्नोलॉजी के दो दिग्गजों – डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क – का गठजोड़ आज खुलकर दुश्मनी में बदल गया है। कभी व्हाइट हाउस तक पहुंचने की राह में एक-दूसरे के सहयोगी रहे ये दो ताकतवर चेहरे अब सोशल मीडिया पर तलवारें खींचे खड़े हैं। ताजा घटनाक्रम में ट्रंप ने एलन मस्क को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा है कि मस्क की कंपनियों को अब संघीय सरकार के भारी-भरकम अनुबंध नहीं मिलेंगे।
टूट गया ट्रंप-मस्क का ‘सुपर अलायंस’
ट्रंप और मस्क के बीच बनी ‘पावर पार्टनरशिप’ अब औपचारिक तौर पर खत्म हो गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में दोनों ने अपने-अपने प्लेटफॉर्म्स पर एक-दूसरे पर तीखे हमले किए। ट्रंप ने मस्क की अरबों डॉलर की सरकारी डील पर कैंची चलाने की धमकी दी, तो मस्क ने पलटवार करते हुए दावा कर दिया कि अगर वे ट्रंप का साथ न देते, तो नवंबर में उनकी जीत मुमकिन नहीं होती।
राजनीति बनाम पूंजी का महायुद्ध
यह सब सिर्फ एक नीतिगत मतभेद से शुरू हुआ था, लेकिन गुरुवार को यह विवाद एक बड़े राजनीतिक युद्ध में तब्दील हो गया। ट्रंप के चुनावी फायदे को लेकर दोनों में श्रेय लेने की होड़ मच गई, और इस लड़ाई ने व्यक्तिगत स्तर पर भी दस्तक दे दी। मस्क ने न सिर्फ ट्रंप के पुराने घावों को कुरेदा, बल्कि जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में ट्रंप का नाम होने की बात भी कह डाली।
मस्क की धमकी – ‘नई पार्टी बना सकता हूं’
मस्क इतने आक्रामक हो गए कि उन्होंने एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने की बात तक कह दी। उनके इस ऐलान के बाद ट्रंप खेमे में हलचल तेज हो गई है। ट्रंप के रणनीतिकार अब मस्क के खिलाफ लंबी लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं। दिलचस्प यह कि मस्क की पूर्व पार्टनर और लेखिका एशले सेंट क्लेयर तक इस झगड़े में कूद पड़ीं। उन्होंने एक्स पर व्यंग्य करते हुए ट्रंप को ब्रेकअप टिप्स देने की पेशकश की।
करोड़ों के फंड के बदले रिश्ते में आई दरार
ध्यान देने वाली बात यह है कि मस्क ने ट्रंप के 2024 प्रचार में लगभग 275 मिलियन डॉलर झोंके थे। इसके एवज में उनकी कंपनियों को सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स से अरबों डॉलर का मुनाफा भी हुआ। लेकिन अब ऐसा लगता है कि ये रिश्ता, और इसके फायदे, दोनों अतीत की बात हो चुके हैं।
अब देखने वाली बात होगी कि यह ‘टेक बनाम ट्रंप’ की लड़ाई अमेरिकी चुनावी राजनीति में कितनी हलचल मचाती है।



