‘राष्ट्रगान गाना तो दूर, मुंह हिलाने की भी जहमत नहीं उठाई’, कांग्रेस सांसदों पर भारी आरोप!

लंदन: भारतीय उच्चायोग में भारत से आए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के स्वागत समारोह के दौरान कांग्रेस सांसदों पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। भारतीय समुदाय के सदस्य राकेश ने कहा कि जबकि सभी सांसद पूरे जोश और देशभक्ति के साथ राष्ट्रगान गा रहे थे, कुछ कांग्रेस सांसद तो राष्ट्रगान के वक्त अपना मुंह तक हिलाने की जहमत नहीं उठाते दिखे।

राकेश ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “यह शर्मनाक है कि भारत के सांसद होते हुए भी राष्ट्रगान नहीं गाया गया। ये कोई स्वीकार्य व्यवहार नहीं है।” जब उनसे पूछा गया कि ये सांसद किस पार्टी से थे, तो उन्होंने साफ कहा, “सभी कांग्रेस पार्टी के थे।”

उन्होंने कहा, “हम सब अपने देश के लिए गर्व महसूस कर रहे थे, देशभक्ति के जज़्बे से भरे हुए थे, लेकिन कांग्रेस के कुछ सांसदों का ये रवैया देश और राष्ट्रगान दोनों का अपमान है। क्या इसे कोई भी सही ठहरा सकता है?”

राकेश ने यह भी कहा कि उनके पास इस मामले में और भी बहुत कुछ कहने को है, लेकिन कैमरे के सामने सब बोलना उचित नहीं होगा। उन्होंने दोहराया, “राष्ट्रगान नहीं गाना एकदम गलत और शर्मनाक है। अगर आपको राष्ट्रगान नहीं आता तो पहले सीखिए।”

वहीं, सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल अन्य सदस्यों की जमकर तारीफ की गई। उन्होंने कहा कि अन्य सांसदों ने बहुत प्रभावशाली भाषण दिए और देश के विभिन्न मुद्दों को मजबूती से उठाया।

भारतीय समुदाय के चेफिक कपासिया ने कहा, “मुझे कार्यक्रम में शामिल होकर खुशी हुई। सभी ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम सबको साथ आना होगा तभी सफलता मिलेगी।”

उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा इस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को ब्रिटेन भेजने की भी सराहना की और कहा, “यह सही संदेश है कि भारत पूरी दुनिया में आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है।”

सुस्मिता शाह ने भी आतंकवाद के खिलाफ एकता की बात दोहराई और कहा, “हमें इस जंग में एकजुट रहना होगा। सरकार ने जो कड़ा संदेश दिया है, उसकी हम तारीफ करते हैं।”

एलिसा ने भी सभी राजनीतिक दलों के सांसदों की एकजुटता की तारीफ की और कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर जब सभी सांसद एक साथ आ जाते हैं, तो यह भारत के लिए बहुत बड़ी बात है। हमें पाकिस्तान को अलग-थलग करना होगा क्योंकि वह आतंकवाद का मुख्य केंद्र है।”

भारतीय समुदाय की सदस्य मनु खजूरिया ने भी आतंकवाद के खिलाफ एकता की अपील करते हुए कहा, “जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाके से आते हुए मैंने आतंकवाद की गंभीरता देखी है। हमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी रणनीतियों को समझना और समर्थन करना होगा। पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को वित्त पोषित करना बेहद खतरनाक है। अब समय आ गया है कि हम सब एकजुट होकर इसका मुकाबला करें।”

यह कार्यक्रम न सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश था, बल्कि भारत के अंदरूनी राजनीतिक मतभेदों के बीच राष्ट्रप्रेम को लेकर एक कड़ा झटका भी साबित हुआ है।

IPL 2025 के फाइनल में टकराएगी RCB और PBKS!

पोलैंड के राष्ट्रपति चुनाव में करोल नवरोकी की जोरदार जीत, नए युग की शुरुआत!