मैक्स पर्सेल पर डोपिंग के कारण 18 महीने का प्रतिबंध, ग्रैंड स्लैम चैंपियन का करियर प्रभावित

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के दो बार के ग्रैंड स्लैम डबल्स चैंपियन मैक्स पर्सेल को एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन करने के चलते 18 महीने का प्रतिबंध झेलना पड़ेगा। यह मामला किसी प्रतिबंधित दवा के सेवन का नहीं है, बल्कि “निषिद्ध प्रक्रिया” के तहत पर्सेल पर यह कार्रवाई की गई है।

इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी (आईटीआईए) ने मंगलवार को इस फैसले की जानकारी दी। 27 वर्षीय पर्सेल ने स्वीकार किया कि उन्होंने अनजाने में 100 मिलीलीटर से अधिक विटामिन आईवी ड्रिप ली थी। एंटी-डोपिंग नियमों के अनुसार, 12 घंटे की अवधि में 100 मिली से अधिक आईवी इन्फ्यूजन को प्रतिबंधित माना जाता है। पर्सेल ने बताया कि उन्होंने क्लिनिक को सूचित किया था कि वे पेशेवर एथलीट हैं और यह इन्फ्यूजन निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें 500 मिली से अधिक का इन्फ्यूजन दिया गया।

आईटीआईए ने पर्सेल के मामले में जांच में पूरी मदद करने और सही जानकारी साझा करने के कारण उनकी सजा में 25 प्रतिशत की छूट दी है। आईटीआईए की सीईओ कैरेन मूरहाउस ने कहा, “यह मामला स्पष्ट करता है कि डोपिंग नियम केवल प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका दायरा और भी व्यापक है।”

मैक्स पर्सेल को दिसंबर 2023 में अस्थायी रूप से सस्पेंड किया गया था, और अब उनकी सजा 11 जून, 2026 तक लागू रहेगी। इस दौरान वे किसी भी टेनिस टूर्नामेंट में भाग नहीं ले सकेंगे, कोचिंग नहीं दे सकेंगे और न ही उपस्थित रह सकेंगे।

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VAIBHAV SURYANVANSHI

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