मेक्सिको सिटी। लॉस एंजिल्स में प्रवासी विरोध प्रदर्शनों को लेकर उठे राजनीतिक तूफान के बीच मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने बुधवार को अमेरिका को संयम और विवेक से काम लेने की सलाह दी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अमेरिका से जुड़े मामलों में “शांत दिमाग” और “सही संदर्भ” में सोचने की जरूरत है।
राष्ट्रपति शिनबाम का यह बयान उस वक्त आया, जब अमेरिकी गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने उन पर आरोप लगाया कि वे कैलिफोर्निया में हो रहे प्रवासी विरोध प्रदर्शनों को “उकसा रही हैं”। इसके साथ ही मैक्सिकन विपक्षी नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर उन्हें और उनकी पार्टी मोरेना को निशाना बनाया।
नेशनल पैलेस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिनबाम ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “हमने कभी हिंसक विरोध का समर्थन नहीं किया। जो बयान मैंने दिया था, वह अमेरिकी धन प्रेषण पर टैक्स लगाने के विरोध में शांतिपूर्ण था, और उसे जानबूझकर गलत संदर्भ में पेश किया गया।”
उन्होंने अमेरिकी अधिकारी के बयान को “झूठा” बताते हुए दो टूक कहा, “हमने लॉस एंजिल्स में हिंसक कार्रवाइयों के लिए न कभी आह्वान किया, न ही समर्थन दिया।”
इस बीच लॉस एंजिल्स में प्रवासी विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क उठी और बड़ी संख्या में लोग हिरासत में लिए गए। शिनबाम ने बताया कि इनमें करीब 61 मेक्सिकन नागरिक भी शामिल हैं।
राष्ट्रपति ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा और कहा कि वे “झूठ और अफवाहों के जरिए अमेरिका और मेक्सिको के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जो देशभक्ति के खिलाफ है।”
शिनबाम ने अमेरिका से संबंधों पर अपनी सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण रखा—”पहला, हम अपने नागरिकों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करेंगे; दूसरा, अमेरिका से रिश्तों में संयम और ज़िम्मेदारी ज़रूरी है; और तीसरा, विदेश में रह रहे हर मैक्सिकन नागरिक को अपने साथियों के अधिकारों की रक्षा में सहयोग करना चाहिए।”
इस बयान के साथ शिनबाम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार प्रवासी अधिकारों के मुद्दे पर न तो दबाव में आने वाली है, न ही किसी भी प्रकार की राजनीतिक चालबाज़ी को बर्दाश्त करेगी।



