नई दिल्ली। 18 साल के इंतजार के बाद आखिरकार विराट कोहली और उनकी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने अपनी पहली आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम कर ली। मंगलवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पंजाब किंग्स के खिलाफ मिली शानदार छह रन से जीत ने कोहली और उनके फैंस की खुशी का ठिकाना ही नहीं छोड़ा।
आरसीबी के लिए आईपीएल के पहले सीजन से खेलने वाले विराट कोहली के लिए यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि एक लंबी मेहनत, उम्मीद और जुनून का फल है। मैच खत्म होते ही भावुक कोहली की आंखों में आंसू थे, जो उनके संघर्ष और लगन की गवाही दे रहे थे।
इंस्टाग्राम पर कोहली ने जीत की खुशी और आभार जताते हुए लिखा, “इस टीम ने एक सपने को हकीकत में बदल दिया। यह सीजन मेरे लिए कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। पिछले ढाई महीने की इस यात्रा में हमने हर पल का लुत्फ़ उठाया। यह ट्रॉफी खासतौर पर उन सभी आरसीबी फैंस के लिए है, जिन्होंने सबसे मुश्किल वक्त में भी हमारा साथ नहीं छोड़ा।”
विराट ने आगे कहा, “आईपीएल ट्रॉफी को जीतने के लिए आपने मुझे 18 साल इंतजार करवाया, लेकिन यह इंतजार हर मायने में सार्थक रहा। यह 18 साल मेरी जिंदगी के सबसे चुनौतीपूर्ण और समर्पित साल रहे। मैंने अपनी जवानी, अपने बेहतरीन दिन और पूरा अनुभव इस टीम को दिया। हर सीजन में जीत का सपना सजाया और इसके लिए पूरी जान लगा दी।”
कोहली ने टीम के पूर्व स्टार खिलाड़ी एबी डिविलियर्स को भी याद किया, जिनका इस टीम और लीग पर गहरा असर है। “एबी ने जो किया, वह कमाल का था। मैंने उनसे कहा कि यह जीत उतनी ही उनकी भी है। मैं चाहता हूं कि वह इस जश्न में हमारे साथ शामिल हों, क्योंकि उनकी छाप इस टीम पर हमेशा रहेगी।”
विराट ने इस जीत को अपनी वफादारी और मेहनत का इनाम बताते हुए कहा, “कई बार अलग रास्ते दिखे, लेकिन मैंने अपनी टीम को चुना और टीम ने मुझे चुना। मेरा दिल और आत्मा हमेशा बेंगलुरु के साथ रहा है। मैं बड़े टूर्नामेंट जीतने का सपना देखता हूं और आज का दिन मेरे लिए एक नया अध्याय है।”
उन्होंने यह भी बताया कि कैसे टीम मैनेजमेंट और खिलाड़ियों के सकारात्मक रवैये ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई। “हमारी रणनीति पर कई सवाल उठाए गए, लेकिन हमने अपनी टीम पर भरोसा रखा और आज यह जीत हमारी मेहनत का सबसे बड़ा प्रमाण है।”
इस जीत के साथ विराट कोहली ने साबित कर दिया कि सच्चा जुनून और लगन हर बाधा को पार कर मंजिल तक पहुंचा सकता है। आज का दिन सिर्फ आरसीबी के लिए नहीं, बल्कि हर उस फैन के लिए है जिसने 18 साल तक धैर्य और उम्मीद बनाए रखी।



