न्यूयॉर्क। सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में ‘आतंकवाद के शिकार संघों के नेटवर्क’ की औपचारिक शुरुआत की गई, जिसमें भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने पाकिस्तान को कड़ी आलोचना का निशाना बनाया।
इस कार्यक्रम में संबोधित करते हुए, योजना पटेल ने पाकिस्तान के आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले कृत्यों की खुलकर निंदा की। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान ने इस महत्वपूर्ण मंच का दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ झूठे आरोप लगाए और दुष्प्रचार फैलाने की कोशिश की, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
योजना पटेल ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कहा, “पाकिस्तान का यह दुष्प्रचार अब किसी को आश्चर्यचकित नहीं करता, क्योंकि यह खुद आतंकवादी संगठनों को मदद, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता देने की बात स्वीकार कर चुका है। यह खुला स्वीकारोक्ति पाकिस्तान को एक आतंकवादी राज्य के रूप में बेनकाब करती है।”
उन्होंने कहा कि अब पूरी दुनिया पाकिस्तान के आतंकवाद को बढ़ावा देने की सच्चाई से नजरें नहीं चुरा सकती। हाल ही में, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक टेलीविजन साक्षात्कार में इस बात को स्वीकार किया था कि पाकिस्तान ने आतंकवादी संगठनों को समर्थन और वित्तीय सहायता दी है।
यह नेटवर्क संयुक्त राष्ट्र की पहली वैश्विक आतंकवाद-पीड़ित कांग्रेस, जो सितंबर 2022 में आयोजित हुई थी, का एक महत्वपूर्ण परिणाम है। इस मौके पर आतंकवाद-रोधी मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र के अवर महासचिव व्लादिमीर वोरोनकोव ने आतंकवाद के शिकार सभी लोगों के साहस और दृढ़ता को सलाम किया।
स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस ब्यूनो, आतंकवाद पीड़ितों के मित्रों के समूह के सह-अध्यक्ष अब्बास कदोम ओबैद अल-फतलावी और युगांडा की ग्रेस एकन ने भी इस आयोजन में अपने विचार साझा किए।



