नई दिल्ली। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने मजबूत संदेश “ऑपरेशन सिंदूर” को वैश्विक मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नया आयाम देने के लिए एक व्यापक कूटनीतिक संवाद की शुरुआत की है। इसके तहत दो उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की यात्रा पर रवाना हुए हैं। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति रणनीति के तहत भारत की “वैश्विक भागीदारी” को और मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
जापान में भारत की आतंकवाद विरोधी नीति पर जोर
टोक्यो में जनता दल (यू) के वरिष्ठ सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में पहुंचे सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया से मुलाकात की। इस दौरान भारत के “ऑपरेशन सिंदूर” और आतंकवाद के खिलाफ देश की नीति को मजबूती से रखा गया। यात्रा से पहले जापान में भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज ने प्रतिनिधिमंडल को जापान की विदेश नीति, रणनीतिक हितों और संभावित सहयोग के बिंदुओं पर ब्रीफ किया।
इस प्रतिनिधिमंडल में राजनीतिक विविधता के साथ कई प्रमुख नेता शामिल हैं — भाजपा की अपराजिता सारंगी, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, माकपा के जॉन ब्रिटास, भाजपा सांसद ब्रजलाल, हेमांग जोशी, कांग्रेस के सलमान खुर्शीद और पूर्व राजनयिक मोहन कुमार। यह टीम आगे दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया और मलेशिया का दौरा करेगी।
यूएई में दूसरा प्रतिनिधिमंडल पहुंचा, अफ्रीकी देशों का भी होगा दौरा
वहीं शिवसेना नेता और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में दूसरा प्रतिनिधिमंडल देर रात अबू धाबी पहुंचा, जहां भारत के राजदूत संजय सुधीर और यूएई के फेडरल नेशनल काउंसिल के सदस्य अहमद मीर खोओरी ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।
इस टीम में भाजपा सांसद बंसुरी स्वराज, ईयूएमएल के ई.टी. मोहम्मद बशीर, भाजपा के अतुल गर्ग, बीजद के सस्मित पात्रा, राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा, भाजपा के वरिष्ठ नेता एस.एस. अहलूवालिया और पूर्व राजनयिक सुजन चिनॉय शामिल हैं। यह प्रतिनिधिमंडल आगे लाइबेरिया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और सिएरा लियोन जैसे अफ्रीकी देशों का दौरा भी करेगा।
रणनीतिक संदेश साफ है— भारत अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, वैश्विक भूमिका में
इन यात्राओं के जरिए भारत न केवल आतंकवाद के खिलाफ अपना वैश्विक रुख स्पष्ट कर रहा है, बल्कि “रणनीतिक सहभागिता” के माध्यम से नई विश्व व्यवस्था में अपनी निर्णायक भूमिका भी सुनिश्चित कर रहा है। यह कूटनीतिक दौरा भारत के बढ़ते वैश्विक कद का प्रतीक बनता जा रहा है।



