नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के मशहूर गेंदबाजी गुरु भरत अरुण अब श्रीलंका के क्रिकेट कोचिंग स्टाफ में शामिल हो गए हैं। 2 जून से शुरू होने वाला यह खास 14 दिन का तेज गेंदबाजों का कोचिंग कैंप, श्रीलंका के जूनियर और सीनियर तेज गेंदबाजों की प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मिशन लेकर आया है।
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (एसएलसी) ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि यह कोचिंग प्रोग्राम हाई परफॉर्मेंस सेंटर में होगा, जहां भरत अरुण, जो 2014 से 2021 तक भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच रहे, अपनी विशेषज्ञता से श्रीलंकाई गेंदबाजों को निखारेंगे।
भारतीय कोचिंग का श्रीलंका पर जारी प्रभाव
यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय कोच श्रीलंका के क्रिकेट को नई दिशा दे रहे हैं। मई में भारत के पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर ने 10 दिन का खास प्रशिक्षण शिविर चलाया था। वहीं, पिछले साल राजस्थान रॉयल्स के जुबिन भरूचा ने बैटिंग सुधारने के लिए शॉर्ट कोचिंग कैंप कराया था। ये सभी पहलाएं श्रीलंका के पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या के कोचिंग काल के दौरान हो रही हैं, जो भारत-श्रीलंका क्रिकेट संबंधों की मिसाल हैं।
भरत अरुण की जिम्मेदारी बड़ी और चुनौतीपूर्ण
श्रीलंका क्रिकेट के अनुसार, भरत अरुण न केवल पुरुष और महिला राष्ट्रीय टीमों के तेज गेंदबाजों के साथ काम करेंगे, बल्कि ‘ए’ टीम, अंडर-19 टीम, क्लब और प्रांतीय स्तर के कोच और खिलाड़ियों को भी ट्रेनिंग देंगे। वे रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल दोनों फॉर्मेट्स में रणनीतिक सत्र, तकनीकी ट्रेनिंग, वीडियो एनालिसिस और मैच सिचुएशन पर आधारित अभ्यास कराएंगे, ताकि गेंदबाजों का खेल नई पहचान बनाए।
श्रीलंका क्रिकेट का शेड्यूल फिलहाल कम है
जहां श्रीलंका की पुरुष टीम का फिलहाल अंतरराष्ट्रीय मैचों का शेड्यूल बहुत हल्का है, अगले साल मई तक केवल दो टेस्ट मैच खेलने हैं और वे इस बार की चैंपियंस ट्रॉफी के लिए क्वालीफाई भी नहीं कर पाए हैं। ऐसे में इस कोचिंग कैंप से उनके गेंदबाजों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।



