मुंबई: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में डोंबिवली के तीन नागरिकों की दर्दनाक मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। शोक और आक्रोश से भरे डोंबिवलीवासियों ने गुरुवार सुबह से ही स्वतःस्फूर्त बंद का आह्वान किया, जिसमें दुकानों से लेकर फैक्ट्रियों तक सभी ने सहभागिता दिखाई।
इस हमले में मारे गए संजय लेले, हेमंत जोशी और अतुल मोने के पार्थिव शरीर बुधवार रात डोंबिवली लाए गए और शिव मंदिर श्मशान घाट में गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, सांसद श्रीकांत शिंदे, भाजपा विधायक रवींद्र चव्हाण समेत कई नेता और हजारों स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
डोंबिवली में गुस्से और शोक की लहर इस कदर है कि आज सुबह से शहर की अधिकतर दुकानें, कंपनियां और होटलें बंद रहीं। वहीं, शहर में जगह-जगह लगे होर्डिंग्स के ज़रिए तीनों दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने इस बंद को समर्थन दिया, जिसके चलते बंद शांतिपूर्ण रहा। हालांकि, नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रिक्शा और बस सेवाएं सीमित रूप से चालू रखी गई हैं।
यह बंद न केवल आतंकवाद के प्रति गुस्से का प्रतीक है, बल्कि यह भी दिखाता है कि देश के नागरिक अपने साथियों के बलिदान को भूले नहीं हैं।



