नई दिल्ली। भारतीय किसान संघ ने भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के बयान की तीखी निंदा की है। किसान संघ ने कहा है कि टिकैत का बयान देश विरोधी ताकतों का समर्थन करता है, और इस पर तुरंत जांच होनी चाहिए।
दरअसल, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा 26 निर्दोष लोगों की हत्या के बाद, भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था। इस फैसले पर किसान नेता नरेश टिकैत ने अपनी असहमतिपूर्वक प्रतिक्रिया दी थी, और कहा था कि यह संधि जारी रहनी चाहिए। उनका कहना था, “हम किसान हैं और हर किसान को पानी मिलना चाहिए, इसलिए इस फैसले का विरोध करते हैं।”
भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्रा ने टिकैत के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बयान देश विरोधी ताकतों को बल देता है। उन्होंने मांग की कि यह जांचा जाए कि किसके इशारे पर पाकिस्तान के पक्ष में बयान दिए जा रहे हैं।
मिश्रा ने गुस्से में कहा कि इस तरह के बयानों से आतंकवादियों और देश विरोधी शक्तियों को हौसला मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के किसानों को ऐसे बयान कतई स्वीकार नहीं हैं, और भारतीय किसान संघ हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानता है। नरेश टिकैत के इस प्रकार के बयान की कड़ी निंदा करते हुए मिश्रा ने इसे भारत विरोधी विचारधारा से जोड़ते हुए इसकी जांच की मांग की।



