रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच अब और तेज़ हो गई है। इस घोटाले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के करीबियों पर एसीबी और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की संयुक्त टीम ने मंगलवार सुबह से एक के बाद एक कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी।
दुर्ग, भिलाई, महासमुंद और धमतरी में 25 से ज्यादा जगहों पर छापे मारे जा रहे हैं, जबकि दुर्ग में ही 20 से अधिक ठिकानों पर दबिश दी गई है।
भिलाई से मिली जानकारी के मुताबिक, धर्म कांटा व्यवसायी अशोक अग्रवाल के आम्रपाली स्थित घर पर सबसे पहले कार्रवाई की गई। उनके भाई विनय अग्रवाल, जो पूर्व मंत्री लखमा के बेहद करीबी माने जाते हैं, के निवास पर भी तलाशी ली गई।
टीम मंगलवार तड़के करीब 5 बजे भिलाई के आम्रपाली सोसायटी पहुंची। इस छापे में महिला स्टाफ समेत 9 अधिकारी शामिल थे। बैंक खातों की जांच चल रही है, वहीं स्टील कारोबार से जुड़े अहम दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं।
सिर्फ यही नहीं—
स्पर्श हॉस्पिटल के डायरेक्टर संजय गोयल, उद्योगपति विशाल केजरीवाल, अमर बिल्डर्स के मालिक चतुर्भुज राठी, अग्रवाल समाज के अध्यक्ष बंशी अग्रवाल, और बिल्डर विश्वजीत गुप्ता तक, कई रसूखदार लोगों के ठिकानों पर भी एक साथ कार्रवाई की गई है।
महासमुंद ज़िले में भी एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीमें सक्रिय हैं। सांकरा में कैलाश अग्रवाल और बसना में जय भगवान अग्रवाल के घरों पर छापेमारी की गई है। दो वाहनों में सवार होकर पहुंची 20 अधिकारियों की टीम दस्तावेजों की गहन जांच में जुटी हुई है।
छापों की यह सिलसिला इस बात का संकेत है कि सरकार अब इस हाई-प्रोफाइल शराब घोटाले में कोई ढील देने के मूड में नहीं है। हर उस शख्स पर शिकंजा कसा जा रहा है, जो इस घोटाले की कड़ी से जुड़ा हुआ है।



