मुंबई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच बुधवार को निवेशकों की नजरें एशियाई बाजारों पर टिक गईं, जहां रौनक देखने को मिल रही है। एक ओर अमेरिकी और यूरोपीय बाजार बीते सत्र में दबाव में नजर आए, वहीं आज एशियाई शेयर बाजारों में जबरदस्त खरीदारी का माहौल बना हुआ है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होता दिख रहा है।
अमेरिका में कानूनी फैसले का ग्लोबल बाजारों पर असर
अमेरिका की इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट ने ट्रंप सरकार की ‘रेसिप्रोकल टैरिफ पॉलिसी’ को अवैध करार देते हुए उस पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद वैश्विक बाजारों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि ट्रंप प्रशासन ने इस निर्णय को चुनौती देने का ऐलान करते हुए इसे ‘आर्थिक आपातकाल से निपटने की रणनीति’ बताया है। बावजूद इसके, इस फैसले के बाद दुनियाभर के बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है।
वॉल स्ट्रीट पर दबाव, लेकिन डाउ फ्यूचर्स में जान
पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। एसएंडपी 500 में 0.56% की गिरावट दर्ज की गई और यह 5,888.55 अंक पर बंद हुआ, वहीं नैस्डेक 0.51% लुढ़ककर 19,100.94 अंक पर पहुंचा। हालांकि कोर्ट के फैसले के बाद आज डाउ जॉन्स फ्यूचर्स में मजबूती देखने को मिल रही है, जो 563.87 अंक चढ़कर 42,662.57 पर कारोबार कर रहा है।
यूरोपीय बाजारों में भी दबाव
अमेरिका की ही तरह यूरोपीय शेयर बाजारों पर भी बिकवाली का असर नजर आया। एफटीएसई इंडेक्स 0.60% गिरकर 8,726.01, सीएसी 0.50% टूटकर 7,788.10 और डीएएक्स 0.78% गिरकर 24,038.19 अंक पर बंद हुआ।
एशियाई बाजारों में जबरदस्त तेजी
एशिया में आज निवेशकों की वापसी साफ दिखी। नौ में से सात प्रमुख बाजारों ने हरे निशान में शुरुआत की। सिर्फ सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.28% गिरा है, जबकि इंडोनेशियाई बाजार आज बंद है।
- गिफ्ट निफ्टी 0.28% की बढ़त के साथ 24,808 पर कारोबार कर रहा है।
- हैंग सेंग 149.40 अंक यानी 0.64% की उछाल के साथ 23,407.71 पर पहुंचा।
- कोस्पी ने 1.83% की छलांग लगाकर 2,719.05 अंक का स्तर छू लिया।
- निक्केई में 596.09 अंकों की तेजी के साथ यह 38,318.49 पर पहुंच गया।
- शंघाई कंपोजिट, ताईवान वेटेड और सेट कंपोजिट इंडेक्स भी तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं।
निष्कर्ष
ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच एशियाई बाजारों में आज का दिन निवेशकों के लिए राहत लेकर आया है। अमेरिकी कोर्ट का फैसला भले ही कानूनी पेंचों में उलझा हो, लेकिन फिलहाल इसका असर बाजारों में पॉजिटिव नजर आ रहा है। भारत समेत एशिया के प्रमुख बाजारों में उछाल से उम्मीद जगी है कि निवेशकों की सेंटीमेंट में सुधार जारी रह सकता है।



